Press Release

English
Image: 

Erection of India’s Heaviest Reactor in HPCL-Visakh Refinery Modernization Project

Visakh

विशाख रिफाइनरी आधुनिकीकरण परियोजना (वीआरएमपी) के एक भाग स्वरुप, भारत का सबसे बड़ा 3.053 एमएमटीपीए क्षमता का पूर्ण परिवर्तनीय हाइड्रोक्रेकर इकाई (एफसीएचसीयू) का निर्माण किया जा रहा है। इस इकाई का अनुज्ञापन्न (लाइसेंस) धारक मेसर्स यूनिवर्सल ऑयल प्रोडक्ट (यूओपी) है और परियोजना प्रबंधन सलाहकार, मेसर्स. इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) है।

प्रथम तथा द्वितीय चरण रिएक्टर्स इस इकाई के ह्र्दयस्थल (आधारस्तंभ) हैं। प्रथम चरण रिएक्टर भारत में सबसे वजनदार है जिसका निर्माण वजन 1,646 एमटी (आंतरिक 1858 एमटी सहित) है, उसकी दीवार की मोटाई 254.5 एमएम और स्टैण्ड 55.6 मीटर उंचा है। द्वितीय चरण रिएक्टर का वजन 454 एमटी, दीवार की मोटाई 184.5 और स्टैंड 28.5 मीटर लंबा है।

मेसर्स लार्सन एंड टूर्बो द्वारा आपूर्तित दोनों रिएक्टर 22 मार्च 2019 को वेंडर्स की शॉप से बर्ज द्वारा शिप किए गए और 24 अप्रैल 2019 को एचएसएल जेट्टी वाइजेक में प्राप्त हुए। एक विशेष उद्देशीय मल्टी एक्सेल (एसपीएमटी) का उपयोग 28 अप्रैल 2019 को एचएसएल जेट्टी से एचपीसीएल-विशाख रिफाइनरी साइट पर परिवहन हेतु किया गया। यह उपलब्धि जीवीएमसी, एपीईपीडीसीएल, एपी टीआरएएनएससीओ तथा हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के साथ एचपीसीएल- वीआरएमपी वरिष्ठ प्रबंधन के सूक्ष्म निरीक्षण तथा सहयोग से 20 माह के निर्धारित समय से 3 सप्ताह पहले सफलतापूर्वक प्राप्त हुई।

इन सारी गतिविधियों, साइट पर रिएकटर्स प्राप्त कर अनलोडिंग करने से शुरु कर एमएसजी 80 क्रेन को जोड़ने और एसपीएमटी के साथ लंबी फ्रेम तैयार करने तक का सुरक्षा, गुणवता और शेड्यूल के संदर्भ में एचपीसीएल- वीआरएमपी वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा सूक्ष्म समीक्षा और निरीक्षण किया गया था।

द्वितीय चरण रिएक्टर 11 जून 2019 को सफलतापूर्वक निर्मित किया गया। प्रथम चरण रिएक्टर, जिसका निर्मित वजन 1646 एमटी (आंतरिक 1858 एमटी सहित) है, को 18 जून 2019 को 1540 एमटी के एसपीएमटी पर स्थित 2000 एमटी क्षमता वाली पृष्ठभाग की फ्रेम सहित 3200 एमटी एमएसजी80 क्रेन का प्रयोग कर सफलतापूर्वक निर्मित किया गया। भारतीय तेल उद्योग के सबसे भारी निर्मित रिएक्टरों में अखंड रुप में निर्मित (खड़ा किया) यह एक रिएक्टर है।

As a part of the Visakh Refinery Modernization Project (VRMP), India’s largest Full Conversion Hydro Cracker Unit (FCHCU) with a capacity of 3.053 MMTPA is being set up. The licensor for this unit is M/s. Universal Oil Products (UOP) and the Project Management Consultant is M/s. Engineers India Limited (EIL).

The First & Second Stage Reactors are the heart of this unit. The First Stage Reactor which is heaviest in India, with an erection weight of 1,646 MT (1,858 MT including internals), has a wall thickness of 254.5 mm and stands 55.6 meters tall. The Second Stage Reactor weighs in at 454 MT, has a wall thickness of 184.5 mm and stands 28.5 meters tall.

Both the reactors, supplied by M/s. LARSEN & TOUBRO LIMITED were shipped via barge from vendor's shop at Hazira on 22-March-2019 and received at HSL jetty, Vizag on 24-April-2019. A special purpose multi axle (SPMT) was used for transportation from HSL jetty to HPCL-Visakh Refinery project site on 28-Aril-2019. This milestone was successfully achieved three weeks ahead of 20-month schedule by close monitoring and coordination by HPCL-VRMP senior management with GVMC, APEPDCL, AP TRANSCO and Hindustan Shipyard Limited.

All activities beginning from receipt and unloading of the reactors at site, assembly of the MSG 80 crane and the SPMT with tailing frame arrangement were closely reviewed and monitored by the HPCL -VRMP senior management with regard to safety, quality and schedule.

The second stage Reactor was successfully erected on 11-June-2019. The first stage Reactor with an erection weight of 1,646 MT (1,858 MT including internals) was successfully erected on 18-June-2019 using the 3,200 MT MSG 80 crane of Mammoet along with tailing frame of 2,000 MT capacity resting on a SPMT of 1,540 MT. This is one of the heaviest reactors erected in single piece in the Indian oil industry.

Go Back