निदेशक मण्डल

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अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

Mr. M K Surana

श्री एम. के. सुराणा : अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

श्री मुकेश कुमार सुराणा ने 01 अप्रैल, 2016 से, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। इससे पहले वे सितंबर 2012 से एचपीसीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी प्राइज़ पेट्रोलियम लिमिटेड कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

श्री सुराणा वर्ष 1982 में एचपीसीएल में शामिल हुए थे। वे मैकेनिकल इंजीनियर हैं तथा वित्तीय प्रबंधन में उन्होंने मास्टर्स डीग्री हासिल की है। पेट्रोलियम उद्योग में 33 वर्ष से अधिक अपने करियर के दौरान श्री सुराणा ने रिफाइनरियों, कॉर्पोरेट, सूचना प्रणाली और एचपीसीएल में कारोबार की कई जिम्मेदारीयां निभाई हैं। उन्होंने बारीकी से स्ट्रेटजी सृजन,बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग, मेजर परियोजनाओं के कार्यान्वयन, रिफाइनरी संचालन, निगम के विस्तृत ईआरपी कार्यान्वयन, अधिग्रहण और अपस्ट्रीम संपत्ति का प्रबंधन इत्यादि योजनाएं तैयार की हैं।

श्री सुराणा को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस के कारोबार में व्यापक अनुभव है, और उनके व्यावसायिक कौशल, नवीन विचारों और जन-केंद्रित नेतृत्व के लिए वे प्रसिद्ध हैं। उन्होंने टीम के सशक्त प्रदर्शन के लिए सकारात्मक और एक साझा दृष्टिकोण अपनाया है। वे एचपीसीएल में विस्तृत कॉर्पोरेट ईआरपी कार्यान्वयन टीम के एक सदस्य थे जो वर्तमान में एचपीसीएल के सभी व्यावसायिक लेनदेन का मुख्य आधार है।

एक प्रमाणित योग्यता निर्धारक और एक परियोजना प्रबंधन व्यावसायिक, श्री सुराणा तेल और गैस क्षेत्र के महत्वपूर्ण विभिन्न उद्योगों में सक्रिय हैं।

कार्यमूलक निदेशक

Shri Pushp K Joshi

श्री पी. के. जोशी : निदेशक - मानव संसाधन

श्री पुष्प कुमार जोशी ने दिनांक 01 अगस्त, 2012 से निदेशक - मानव संसाधन के रूप में कार्यभार संभाला है। इससे पहले वे मानव संसाधन विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे , जैसे - कार्यकारी निदेशक - मानव संसाधन विकास, और प्रमुख - मानव संसाधन, विपणन विभाग।

विधि में स्नातक और एक्सएलआरआई, जमशेदपुर के पूर्व छात्र, श्री पुष्प कुमार जोशी 1986 में एचपीसीएल में शामिल हुए थे। तब से वे मानव संसाधन और औद्योगिक संबंध के क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर एचपीसीएल के प्रधान कार्यालय, विपणन और रिफाइनरी प्रभागों में काम कर चुके हैं।

कर्मचारी उन्मुख और उच्च निष्पादन संस्कृति के उद्देश्य से गठित मानव संसाधन की प्रमुख नीतियों और प्रथाओं के निर्माण एवं परिनियोजन के लिए श्री जोशी उत्तरदायी हैं ।

अक्षय परियोजना - नेतृत्व विकास कार्यक्रम, उत्पादकता में सुधार की पहल, आंतरिक ग्राहकों की देखभाल के लिए सूचना तकनीक की प्रभाव क्षमता को सुधारना, विभिन्न तकनीकी और व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम, मानव संसाधन- बिजनेस प्रोसेस पुनर्रचना (BPR), JDE (मानव संसाधन) का कार्यान्वयन, स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली, एचआर ग्रीन क्रेडिट जैसी एचपीसीएल की विभिन्न मानव संसाधन प्रथाओं को , व्यापार को ध्यान में रखकर, उन्होंने नेतृत्व किया है।


Shri. Vinod S Shenoy

श्री विनोद एस शेणॉय: निदेशक - रिफाइनरिज़

श्री विनोद एस शेणॉय ने 1 नवम्बर 2016 से इन्होने रिफाइनरिज़ - निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला हैं| इससे पूर्व वे एचपीसीएल रिफाइनरीज़ के समन्वय के महाप्रबंधक थे।

आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक, श्री विनोद शेणॉय ने जून 1985 से एचपीसीएल के साथ अपने कैरियर की शुरुआत की है| अपने कैरियर के 31 सालों के दौरान, श्री शेणॉय ने रिफाइनरी प्रभागों और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कॉर्पोरेट विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है और उन्हें पेट्रोलियम उद्योग का व्यापक अनुभव है|


Shri R. Kesavan

श्री आर. केसवन: निदेशक - वित्त

श्री आर. केसवन ने 5 सितंबर, 2019 से निगम के निदेशक - वित्त के रूप में पदभार संभाला। वह निगम के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) भी हैं। निदेशक - वित्त के रूप में उनकी नियुक्ति से पहले, श्री आर. केसवन कार्यकारी निदेशक थे - 4 वर्षों के लिए निगम के कॉर्पोरेट वित्त। वह इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के एक साथी सदस्य हैं।

श्री केसवन ने कॉर्पोरेट लेखा, लेखा परीक्षा, ट्रेजरी प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन, बजट, मूल्य निर्धारण, कॉर्पोरेट रणनीति और मार्जिन प्रबंधन, विभिन्न विपणन एसबीयू में वाणिज्यिक प्रमुखों आदि को कवर करने वाले वित्त पर विभिन्न क्षेत्रों को संभालने में 3 दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव प्राप्त किया।

उनके पास अपने क्रेडिट के लिए विभिन्न शैक्षणिक अंतर हैं और इन-हाउस क्षमता बिल्डिंग सेमिनार और कार्यशालाओं में एक प्रमुख तकनीकी वक्ता हैं। उन्होंने विभिन्न प्रकाशनों में कॉर्पोरेट हित के लेखों का योगदान दिया है।


Shri Rakesh Misri

श्री राकेश मिश्री: निदेशक - विपणन

श्री राकेश मिश्री ने 17 अक्टूबर, 2019 को निगम के निदेशक-विपणन के रूप में पदभार संभाला। निदेशक-विपणन के रूप में उनकी नियुक्ति से पहले, श्री मिश्री निगम में कार्यकारी निदेशक-विपणन समन्वय थे।

आरईसी श्रीनगर (अब एनआईटी श्रीनगर) से सिविल इंजीनियरिंग में एक स्वर्ण पदक विजेता, श्री मिश्री का हमारे निगम में 36 वर्षों से अधिक का समृद्ध और विविध पेशेवर प्रदर्शन है। उन्होंने उत्तर क्षेत्र रिटेल में कार्य कर रहे संगठन के विभिन्न वरिष्ठ स्तर के कार्यकारी निदेशक-प्रत्यक्ष बिक्री, कार्यकारी निदेशक-मानव संसाधन, कार्यकारी निदेशक-कॉर्पोरेट रणनीति और व्यवसाय विकास और कार्यकारी निदेशक-एलपीजी के रूप में कार्य किया है।

उनके पास अपने क्रेडिट के विभिन्न शैक्षणिक अंतर हैं और इन-हाउस क्षमता सेमिनार और कार्यशालाओं में एक महत्वपूर्ण तकनीकी वक्ता हैं।

पदेन निदेशक

Shri Sunil Kumar

श्री सुनील कुमार

श्री सुनील कुमार हमारी कंपनी के एक सरकारी नामित निदेशक हैं। वह आईआरएएस (1995 बैच) है और वर्तमान में मई, 2019 से संयुक्त सचिव (रिफाइनरीज), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, नई दिल्ली के पद पर तैनात हैं। वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ), धनबाद, वित्तीय से बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (पेट्रोलियम एनर्जी) हैं एनआईएफएम, फरीदाबाद से प्रबंधन, बीआई से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, ओस्लो, नॉर्वे, ईएससीपी-ईएपी, पेरिस, फ्रांस से कार्यकारी यूरोपीय एमबीए, आईआईपीए, नई दिल्ली से लॉ एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स डिप्लोमा और बीजिंग के लिए लॉजिस्टिक सिमुलेशन और योजना जियाओतोंग विश्वविद्यालय, बीजिंग, चीन।

संयुक्त सचिव (रिफाइनरीज) के रूप में, वह रिफाइनरीज, ऑटो ईंधन नीति, पेट्रोकेमिकल्स, कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात / निर्यात से संबंधित मामलों की देखभाल कर रहे हैं; जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और संरक्षण, एकीकृत ऊर्जा नीति; जलवायु परिवर्तन और राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा नीति। MoP और NG में शामिल होने से पहले, उन्होंने रेलवे बोर्ड में निदेशक वित्त व्यय और भारतीय रेलवे के लेखा सुधार परियोजना के मुख्य परियोजना प्रबंधक सहित विभिन्न क्षमता में भारतीय रेलवे के साथ काम किया है।

अंशकालिक निदेशक

Shri Subhash Kumar

श्री सुभाष कुमार

श्री सुभाष कुमार एचपीसीएल के निदेशक मंडल के अंशकालिक निदेशक हैं

श्री सुभाष कुमार एचपीसीएल बोर्ड पर अंशकालिक निदेशक हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा ओएनजीसी के प्रतिनिधि के रूप में नामांकित किया गया है। श्री सुभाष कुमार 31 जनवरी 2018 से प्रभावी ओएनजीसी के निदेशक (वित्त) हैं..

ओएनजीसी में वित्‍त निदेशक के रूप में पदभार संभालने से पूर्व, श्री कुमार ने अगस्‍त 2017 में पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड में संक्षिप्त कार्यकाल की सेवा की, जहां वह वित्‍त निदेशक रह चुके हैं.

श्री कुमार आईसीएमएआई के सह सदस्‍य एवं आईसीएसआई के भी सहयोगी सदस्‍य हैं. वे चंडीगढ़ के पंजाब विश्‍वविद्यालय के भूतपूर्व छात्र हैं, जहां से उन्‍होंने वाणिज्‍य में स्‍नातक एवं स्‍नातकोत्‍तर की उपाधि स्‍वर्ण पदक के साथ प्राप्‍त की है.

श्री कुमार ने 1985 में वित्‍त एवं खाता अधिकारी के रूप में ओएनजीसी के साथ अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी. शुरुआती समय में जम्‍मू और देहरादून में कार्य करने के बाद, उन्‍होंने ओएनजीसी की विदेश इकाई, यानी ओएनजीसी विदेश में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं. ओएनजीसी विदेश में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री कुमार ने वर्ष 2001 में एक अकेली कंपनी के रूप में कार्य करने वाली कंपनी के लिए महत्‍वपूर्ण अधिग्रहणों और विस्‍तार को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाते हुए आज उसे 17 देशों में कार्यरत 37 कंपनियों तक पहुंचा दिया है. उन्‍होंने ओएनजीसी विदेश द्वारा विदेश में कई कंपनियों के मूल्‍यांकन एवं अधिग्रहण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अप्रैल 2010 से लेकर मार्च 2015 तक उन्‍होंने ओएनजीसी विदेश के व्‍यावसायिक विकास, वित्‍त एवं बजट प्रमुख तथा ट्रेजरी नियोजन एवं पोर्टफ़ोलियो प्रबंधन समूह के प्रमुख के रूप में कार्य किया है. इससे पहले वे सितंबर 2006 से मार्च 2010 तक मानसरोवर एनर्जी कोलंबिया लिमिटेड के मुख्‍य वित्‍त अधिकारी पर रह चुके हैं, जो कि ओएनजीसी विदेश और साइनोपेक ऑफ़ चाइना का 50:50 संयुक्‍त उपक्रम है.

जुलाई 2016 में श्री कुमार की ओएनजीसी में मुख्‍य वाणिज्‍यिक अधिकारी एवं ट्रेजरी प्रमुख के रूप में वापसी हुई, जहां उन्‍होंने मूल्‍यांकन, समझौतों और संगठनों से संबंधित बकाया मामलों को समाप्‍त करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है.

स्वतंत्र निदेशक

Shri Ram Niwas Jain

श्री राम निवास जैन

श्री राम निवास जैन नवम्बर 20,2015 से एचपीसीएल के बोर्ड में नियुक्त किये गये हैं|

श्री राम निवास जैन ने सन 1973 में मोतीलाल नेहरु रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज , इलाहाबाद से BE(MECH)किया है| वे हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लि. लखनऊ डिवीजन, लखनऊ, के अधीनस्थ बी. पी. इंजीनियर्स प्राइवेट लि. के प्रबंध निदेशक हैं | यह कंपनी पिछले 30 सालों से खासकर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के विभिन्न भागों का और हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लि. के विभिन्न भागों के लिए कार्य कर रही है| बी.पी. इंजीनियर्स प्राइवेट लि. को SAITI की तरफ़ से "एरोस्पेस स्वदेशीकरण में उत्कृष्टता"के लिए सम्मानित किया गया हैं ।वे दो राष्ट्रीयकृत बैंकों, इलाहाबाद बैंक और यूको बैंक के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्यरत रह चुके हैं| वे यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इन्शुरन्स कंपनी लि. में स्वतंत्र निदेशक के रूप कार्य कर चुके है| वे एंत्रोप्रिनियर्स ' एसोसिएशन ऑफ़ स्कूटर्स इंडिया एंसीलरी यूनिट्स , अमउसी , लखनऊ के प्रेसिडेंट हैं | वे कुष्ठरोग और आदिवासी बच्चों के कल्याण और पुनर्वासन के क्षेत्र में सामाजिक कार्य कर रहे हैं ।


Smt. Asifa Khan

श्रीमती आसिफा खान

श्रीमती आसिफा खान एचपीसीएल के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक हैं।

अंग्रेजी साहित्य में स्नातक, श्रीमती आसिफा खान को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकारिता, प्रतिनिधित्व और विश्लेषण में व्यापक अनुभव है।

वह सामाजिक कल्याण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में गहरी दिलचस्पी रखती है।


Shri G.V. Krishna

श्री जी.वी. कृष्णा

श्री जी.वी. कृष्णा बैंगलोर विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक होने के अलावा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी है। 1988 में अपने चार्टर्ड एकाउंटेंसी पूरा किया और तब से वह प्रैक्टिस भी कर रहें है। जी.वी. कृष्णा कर्नाटक के प्रमुख औद्योगिक समूहों के एक महत्वपूर्ण और व्यापारिक सलाहकार हैं | साथ ही अभ्यास के तकनीकी क्षेत्रों में अन्य चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को सलाह देते है | इसमें बैंकिंग, कर और नियामक मामलों के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स शामिल हैं | उन्हें ग्रामीण और सहकारी क्षेत्र का बड़े पैमाने पर अनुभव हैं | और कर्नाटक एपेक्स सहकारी बैंक में स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी उन्होंने कार्य किया है| वैधानिक, आंतरिक और बैंक आडिट में उन्हें 3 दशकों का अनुभव है और इसमें कई बड़े निजी संगठन और सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग संस्थाएं शामिल हैं । जी.वी. कृष्णा भी फॉरवर्ड फाउंडेशन के एक संस्थापक ट्रस्टी है जो टिकाऊ पर्यावरण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मुद्दों को महत्त्व देता है । पेशेवर मंचों पर जी.वी. कृष्णा एक नियमित वक्ता है| इसके साथ वह परामर्श और प्रेरित ग्रामीण युवा उद्यमिता पर और स्व-रोजगार के अवसरों में विशेष रुचि लेते हैं ।


Dr. T.N. Singh

डॉ. टी एन सिंह

20 मार्च, 2017 से प्रोफेसर सिंह को एचपीसीएल बोर्ड पर स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। 55 साल की उम्र के प्रोफेसर टी एन सिंह , आईआईटी, बॉम्बे में भूविज्ञान संस्थान चेयर प्रोफेसर हैं। उन्होंने भूविज्ञान के कई क्षेत्रों में अभिनव और पर्याप्त योगदान दिया है। इंजीनियरिंग भूविज्ञान के क्षेत्र में उन्हें अच्छी तरह से जाना जाता है। रॉक-मैकेनिक्स और पेट्रोफिजिक्स, रॉक इंडेक्स्स की स्थापना, चट्टानों की टिकाऊ और घटती गतिविधि , चट्टानों की गतिशील और स्थैतिक गुणों, सीओ 2 खोदने की क्रिया , प्राकृतिक खतरे और जलवायु परिवर्तन में उनके अग्रणी काम के कारण वे मशहूर हैं|

चट्टानों के विस्फोटन और ढलान स्थिरता के कारण जमीन में होनेवाले कंपन क्षेत्र में प्रो. सिंह के उल्लेखनीय योगदान की वजह से पृथ्वी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के बीच मान्यता प्राप्त की है। उन्होंने बेहतर विखंडन के लिए विस्फोट के डिजाइन में प्रमुख योगदान दिया है। उन्होंने विभिन्न भू-खनन समस्याओं का हल करने के लिए समतुल्य सामग्री प्रतिरूपण तकनीक की स्थापना की है ताकि बकाया समस्या को हल किया जा सकें|

उन्हें राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार, प्रथम पी एन बोस खनिज पुरस्कार, एस रक्षित रॉक मैकेनिक्स अवार्ड, प्रोफेसर गोपाल रंगन पुरस्कार और कई पुरस्कार मिले हैं।

उन्होंने विभिन्न पत्रिकाओं में 300 से अधिक शोध पत्र और 112 सम्मेलन पत्रों को प्रकाशित किए हैं। डॉ. सिंह ने भारत और विदेशों के प्रतिष्ठित प्रकाशकों से प्रकाशित 12 पुस्तकों का संपादन किया है। वे विभिन्न सरकारी कमेटी के सदस्य हैं जैसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, बीएआरसी, वाणिज्य मंत्रालय, रेल मंत्रालय इत्यादि।


Shri Amar Sinha

श्री अमर सिन्हा

21 सितंबर, 2017 से श्री अमर सिन्हा को एचपीसीएल बोर्ड पर स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

सन 1982 में भारतीय विदेश सेवा में श्री अमर सिन्हा शामिल हुए। वे पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र स्नातक हैं और उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने से पहले दो साल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ काम किया है।

अपने राजनितिक कैरियर के दौरान, उन्होंने विदेश मंत्री के लिए विदेश सचिव के रूप में विदेश मामलों के मंत्रालय में अल्जीयर्स (1983-87), ब्यूनस आयर्स (1987-90) में विभिन्न क्षमताओं में सेवा की है, रसायन और उर्वरक , संसदीय कार्य और इलेक्ट्रॉनिक्स और महासागर विकास विभाग के लिए 19 जुलाई से 96 मई तक कार्यरत हैं। उन्होंने 1997 से जुलाई 1997 तक विदेश मामलों के मंत्रालय में निदेशक (बीएसएम) के रूप में कार्य किया और ओएसडी के रूप में विदेश मामलों के राज्य मंत्रालय के लिए जुलाई 1997 से अप्रैल 1998।

अपने राजनितिक कैरियर के दौरान, उन्होंने अल्जीयर्स (1983-87), ब्यूनस आयर्स (1987-90) में विभिन्न क्षमताओ में सेवा की है| उन्होंने जुलाई 1991 से मई 1996 तक रसायन और उर्वरक, संसदीय कार्य और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और महासागर विकास , विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्यभार संभाला हैं|इसके बाद उन्होंने जून 1996 से जुलाई 1997 तक विदेश मामलों के में निदेशक (बीएसएम) के रूप में कार्य किया और जुलाई 1997 से अप्रैल 1998 तक विदेश मामलों के लिए राज्य मंत्रालय के ओएसडी के रूप में कार्य किया हैं |

भारत में अपने अंतिम कार्यकाल (2010-2013) के दौरान, वह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति पर थे और व्यापार नीति प्रभाग और आरएमटीआर प्रभाग में डब्ल्यूटीओ से संबंधित मामलों और बहुपक्षीय आर्थिक वार्ताओं से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे|उन्होंने बहुपक्षीय भागीदारी में भारत की भागीदारी पर भी ध्यान दिया जैसे कि UNCTAD,APTA,BIMSTEC,G20, IBSA,BRICS इ.

अफगानिस्तान (जून 2013 से जनवरी 2016) तक भारत के राजदूत के रूप में सफलतापूर्वक काबुल में अपने काम को पूरा करने के बाद, उन्होंने 15 जनवरी 2016 से विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली में सचिव (आर्थिक संबंध) के पद का प्रभार संभाला है। उनके प्रभार में विकास भागीदारी, अफ्रीका और खाड़ी और पश्चिम एशिया के देश शामिल हैं।

वे हिंदी, अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पैनिश बोलते हैं और दारी से परिचित हैं। उनकी रुचि यात्रा, खेल, पढ़ना और ब्रिज टेनिस और गोल्फ खेलना हैं।


Mr. Siraj Hussain

श्री सिराज हुसैन

21 सितंबर, 2017 से श्री सिराज हुसैन को एचपीसीएल बोर्ड पर स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

श्री सिराज हुसैन ने 1979 में आईएएस में शामिल हुए और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में उत्तर प्रदेश सरकार की सेवा की | इनमें जिला मजिस्ट्रेट, हरदोई सहित; यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक; प्रबंध निदेशक, यूपी कृषि उद्योग निगम और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार शामिल हैं| उन्हें राज्य सचिवालय में ऊर्जा, शिक्षा और पंचायती राज के विभागों में नियुक्त किया गया था ।वह यूपी के मुख्यमंत्री के सचिव भी थे।

उन्होंने भारत सरकार की विभिन्न क्षमताओं में उप प्रबंध निदेशक के रूप में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम में सेवा की है; साथ ही खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में संयुक्त सचिव और भारतीय खाद्य निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (एफसीआई) रूप में कार्य किया हैं| 2000 से 2005 तक उन्होंने नई दिल्ली में जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य किया।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में, उन्होंने गोदामों में निजी क्षेत्र से निवेश को आकर्षित करने की योजना तैयार की, जिसे निजी उद्यमियों की गारंटी योजना (पीईजी) 2010 के रूप में जाना जाता है।अब तक करीब 16 मिलियन टन भंडारण क्षमता मंजूर की गई है, जिसमें से 13.60 मिलियन टन का काम पूरा हो चुका है और 1 मिलियन टन का निर्माण हो रहा है। अधिकांश राज्यों में केंद्रीय पूल शेयरों के लिए देश की भंडारण समस्या को सफलतापूर्वक संबोधित किया गया हैं|हालांकि, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ जिलों में अभी भी भंडारण क्षमता की कमी है। यह सभी निवेश निजी क्षेत्र द्वारा किया गया है और एफसीआई ने केवल दस वर्षों के लिए किराए के भुगतान की गारंटी दी है।

मई 2013 से फरवरी 2015 तक, उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) में भारत सरकार के सचिव के रूप में कार्य किया।उन्होंने मालिकाना भोजन उत्पादों के लिए उत्पाद स्वीकृति देने के लिए एफएसएसएआई के नियमों की जटिलता का मुद्दा उठाया। एफएसएसएआई ने अंत में उत्पाद अनुमोदन से उत्पाद देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इस अवधि में कई मेगा फूड पार्क और कोल्ड चेन परियोजनाएं मंजूर की गई थीं।

उन्हें फरवरी, 2015 में सचिव, कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण के रूप में कार्यभार सौंपा गया था। कृषि वस्तुओं के ई-ट्रेडिंग के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म बनाने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार की स्थापना की योजना उनकी पर्यवेक्षण के तहत तैयार की गई थी। उनके मार्गदर्शन में पीएम फसल बीमा योजना भी तैयार की गई थी। यह माना जाता है कि बीमित क्षेत्र 2014-2015 में लगभग 20% से बढ़कर 2018-19 तक 50% हो जाएगा।

जनवरी 2016 में, उन्हें आचार्य एनजी रंगा कृषि विश्वविद्यालय , आंध्र प्रदेश द्वारा कृषि विज्ञान की प्रगति के योगदान के लिए उन्हें दर्शनशास्र (सम्मानित व्यक्ति) में डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया था |

वह जनवरी 2016 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए। वह वर्तमान में ICRIER के साथ एक विजिटिंग सीनियर फेलो हैं। वह कृषि क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर शोध और लेखन कर रहे हैं|जिसमें फसल बीमा, कृषि वस्तुओं के वायदा बाजार, डीबीटी के माध्यम से खाद्य सब्सिडी का सुव्यवस्थित होना , और कुछ राज्यों की राज्य कृषि रिपोर्ट शामिल हैं|वह डॉक्टर अशोक गुलाटी के साथ इंडियन एक्सप्रेस और फाइनेंशियल एक्सप्रेस के लिए योगदानकर्ता भी हैं।


Shri G. Rajendran Pillai

श्री जी राजेंद्रन पिल्लई

श्री जी। राजेंद्रन पिल्लई को 15 जुलाई, 2019 से प्रभावी कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

श्री राजेंद्रन पिल्लई कोल्लम जिले के निवासी हैं। उन्होंने बी.ए. और नागपुर विश्वविद्यालय के तहत चंद्रपुर के एसपी कॉलेज से एसएन कॉलेज, कोल्लम और एलएलबी से एम.ए.

उन्होंने आयकर विभाग के साथ काम किया है और वर्तमान में कोल्लम के जिला न्यायालय में एक वकील के रूप में अभ्यास कर रहे हैं।